उद्देश्य
स्काई हेल्प ऑर्गेनाइजेशन के उद्देश्य
पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण – धरती को हराभरा बनाने, प्रदूषण कम करने और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने हेतु वृक्षारोपण और हरित अभियान चलाना।
शिक्षा का प्रसार – समाज के हर वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना, बच्चों और युवाओं को जागरूक व आत्मनिर्भर बनाना।
स्वास्थ्य सेवाएँ – ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता अभियान तथा ज़रूरतमंदों को उपचार उपलब्ध कराना।
वन्य प्राणियों की रक्षा – वन्य जीवन संरक्षण, आवासीय क्षेत्र बचाना और मानव-वन्यजीव संतुलन बनाए रखना।
तृतीय प्रकृति (किन्नर समाज) का संरक्षण एवं सम्मान – समाज में समान अधिकार, सम्मान और रोज़गार के अवसर प्रदान कर किन्नर समाज को मुख्यधारा से जोड़ना।
लावारिस मृतकों का निःशुल्क दाह संस्कार – समाज में जिन लोगों के परिजन नहीं होते या आर्थिक स्थिति के कारण अंतिम संस्कार संभव नहीं होता, उनका सम्मानपूर्वक दाह संस्कार करना।
ज़रूरतमंदों का अस्थि विसर्जन – उन परिवारों या व्यक्तियों की मदद करना जो असमर्थता या अन्य कारणों से अस्थि विसर्जन नहीं कर पाते, उनकी अस्थियों का धार्मिक परंपरा अनुसार विसर्जन करना।
मानव सेवा को सर्वोच्च धर्म मानना – यह कार्य न केवल सेवा है बल्कि समाज को यह संदेश देना भी है कि हर जीवन और मृत्यु का सम्मान होना चाहिए।
ग्रामीण विकास – आजीविका परियोजनाओं, स्वास्थ्य जागरूकता और शिक्षा के साथ ग्रामीण क्षेत्रों को मजबूत बनाना।
ग्रामीण विकास – आजीविका परियोजनाओं, स्वास्थ्य जागरूकता और शिक्षा के साथ ग्रामीण क्षेत्रों को मजबूत बनाना।
गोशाला का संरक्षण
भारतीय संस्कृति में गौ माता का विशेष स्थान है।
संगठन का उद्देश्य गौवंश की रक्षा, भोजन,
स्वास्थ्य और आश्रय की व्यवस्था करना है।
आवारा व बीमार गौओं को गोशाला में सुरक्षित रखकर चिकित्सा, पोषण और देखभाल की सुविधा प्रदान करना।
दूध, गोबर व गौमूत्र से बने उत्पादों का प्रयोग बढ़ावा देकर ग्राम-आधारित अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना।
जीव-प्राणी का संरक्षण
सभी जीव-जंतु हमारे पारिस्थितिकी तंत्र का अभिन्न अंग हैं।
संगठन का उद्देश्य वन्यजीवों की रक्षा, पक्षियों के लिए दाना-पानी, घायल व लावारिस प्राणियों की सेवा करना है।
पर्यावरण संरक्षण के साथ प्राणी संरक्षण अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करना।
“जीव दया ही सच्चा धर्म है” के संदेश को समाज तक पहुँचाना।
